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प्रदुषण 208 के पार, ग्रेप लागू,: अब क्या-क्या बदलेगा?

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बादशाहपुर, 19 मई, (अजय) : गुरुग्राम और एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 208 के पार पहुंचने के बाद प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण यानी ग्रेप-1 को लागू कर दिया है। प्रदूषण स्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासनिक एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं और धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं तथा निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
ग्रेप-1 लागू होने के बाद लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि आखिर क्या बंद होता है और किन गतिविधियों पर असर पड़ता है। पहले चरण में पूर्ण प्रतिबंध तो नहीं लगाया जाता, लेकिन कई तरह की सख्त पाबंदियां और निगरानी बढ़ा दी जाती है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय अनिवार्य किए जाते हैं। खुले में निर्माण सामग्री रखने, सड़कों पर धूल उड़ने और बिना ढके मलबा ढोने पर कार्रवाई हो सकती है।
नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को सड़कों पर पानी का छिड़काव बढ़ाने, वैक्यूम मशीनों से सफाई और खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाते हैं। डीजल जेनरेटर के उपयोग को सीमित करने और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की निगरानी भी तेज की जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रेप-1 का उद्देश्य शुरुआत में ही प्रदूषण पर नियंत्रण करना है, ताकि स्थिति गंभीर स्तर तक न पहुंचे। हालांकि स्कूल, कार्यालय या बाजार बंद नहीं होते, लेकिन लोगों को निजी वाहनों का कम उपयोग कर सार्वजनिक परिवहन अपनाने की सलाह दी जाती है।

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