गुडगांव, 20 मई (अजय) : प्रदेश में एक समान शिक्षा का सपना दिखाने वाली सरकारों पर निशाना साधते हुए नवजन चेतना मंच के संयोजक वशिष्ठ कुमार गोयल ने बोलते हुए कहा कि गुडगाँव के वर्तमान कॉलेजों में सीटों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नही की गई है वही पुराने ऐडमिशन प्रकिया में भी बदलाव् कर छात्रों को ठगने का कार्य इस सरकार में किया जा रहा है उन्होने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जून से होने वाले ऐडमिशन प्रॉसेस में इस बार कटऑफ से पहले प्रोविजनल लिस्ट लगाई जाएगी। वहीं, पहली ही लिस्ट में 50 से 70 प्रतिशत से अधिक छात्रों को ऐडमिशन देने का टारगेट रखा गया है। इस बार दाखिला प्रक्रिया को छोटा और आसान बनाने के लिए 2018-19 के सेशन में बदलाव किए गए हैं। अभी तक कटऑफ लिस्ट लगने के बाद छात्रों के दाखिले होते रहे हैं, जिसमें केवल 15 से 20 पर्सेंट ऐडमिशन ही हो पाते हैं। इससे समय की भी बर्बादी होती रही है और कॉलेजों को सेकंड कटऑफ बनाने में भी दिक्कत होती है। वहीं, कॉलेज में सबसे अधिक ऐडमिशन तीसरी कटऑफ के तहत ही हो पाते हैं। ऐसे में इस बार पहली कटऑफ से दो से 3 दिन पहले प्रोविजनल कटऑफ निकाली जाएगी। इसमें सभी सीटों के तहत छात्रों की पूरी लिस्ट लगाई जाएगी। लिस्ट लगने के बाद छात्रों को संबंधित कॉलेज में जाकर अपने डॉक्युमेंट्स वेरिफाई करवाने होंगे। इसके बाद पहली कटऑफ में छात्रों का नाम जारी होगा। वहीं, प्रोविजनल लिस्ट के तहत जिन छात्रों के डॉक्युमेंट्स पूरे या सही नहीं थे, उन्हें समय दिया जाएगा। पहली कटऑफ में आवेदन प्रक्रिया के बाद दूसरी कटऑफ में इन छात्रों को मौका मिलेगा। पहली और दूसरी कटऑफ में कॉलेजों की 80 से 90 पर्सेंट सीटें भरने का टारगेट होगा, जिसके बाद अंतिम तीसरी कटऑफ में सभी सीटों को फुल कर दिया जाएगा। प्रोविजनल लिस्ट से यह भी फायदा होगा कि ऐडमिशन लेने वाले और न लेने वाले छात्रों की छंटनी हो जाएगी। इससे निर्धारित सीटों के अतिरिक्त कोई बढ़ोतरी नही की गई है लेकिन ऐडीमिशन प्रकिया में बदलाव कर एक समान शिक्षा महज दिखावा शाबित हो रही है
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