शत्रुघ्‍न सिन्‍हा बोले- गुजरात चुनाव पर खामोश रहूंगा, कुछ बोला ताे पार्टी विरोधी होगा

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PBK NEWS | चंडीगढ़ । भाजपा सांसद और मशहूर फिल्‍म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपनी बेबाकी के लिए मशहूर हैं। अपनी बातों से वह बड़े बड़ाें को खामोश कर देते हैं। यहां एक खास बातचीत के दौरान उनका यही अंदाज दिखा। वह हर मुद्दे पर जमकर बोले, चाहे वह विवादित फिल्म पद्मावती हो या गुजरात चुनाव। उन्‍होंने कहा, गुजरात चुनाव पर खामोश ही रहूंगा, क्‍योंकि कुछ बोलूंगा तो यह पार्टी विरोधी माना जाएगा।

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राजनीति में भाषा की मर्यादा व शब्दों का चयन ठीक करने की जरूरत

उन्‍होंने नोटबंदी, जीएसटी और राहुल गांधी के जनेऊ पहनने के मामले पर भी खुलकर अपनी राय रखी। शॉटगन ने फिल्‍म पद्मावती पर अमिताभ बच्‍चन, अामिर खान और शाहरूख खान जैसे सितारों की चुप्‍पी पर भी सवाल उठाए। पेश है शत्रुघ्‍न सिन्‍हा से बातचीत के मुख्‍य अंश-

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर हुए विवाद पर आपकी राय क्या है?

-संजय लीला भंसाली को इस विवाद को शांत करने के लिए अपनी फिल्म को राजपूत समाज को दिखानी चाहिए। पद्मावती विवाद पर प्रधानमंत्री मोदी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को भी चुप्पी तोड़नी चाहिए। संजय लीला भंसाली को भी स्पष्टीकरण देना चाहिए। आमिर खान, शाहरुख खान व अमिताभ बच्चन क्यों नहीं बोल रहे? भंसाली ने फिल्म सेंसर बोर्ड को न दिखाकर कुछ चुनिंदा पत्रकारों को दिखा दी। भंसाली एशिया के बेस्ट निर्देशक हैं, लेकिन लोगों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए। राजस्थान ही एक प्रदेश है जहां महिलाएं घुंघट में रहती हैं। उनकी मर्यादा का सम्मान करना चाहिए।

राहुल के जेनेऊ पर आपका क्या कहना है?

-भाजपा आज तक अपना मेनिफेस्टो तैयार क्यों नहीं कर पाई है? गुजरात मॉडल की बात करते हैं। कहां है गुजरात का विकास मॉडल? है तो उसे दिखाओ तो सही। विकास की बात करते-करते जेनेऊ पर आ जाते हैं। राजनीति में भाषा की मर्यादा, शब्दों का चयन ठीक करने की जरूरत है। गुजरात में भाजपा ने नाकामी छिपाने के मकसद से जनेऊ का मामला उठाया। विकास की बात होनी चाहिए। ग्रामीणों, किसानों, शिक्षा पर बोलना चाहिए। नेता जोश में कह तो जाते हैं, लेकिन बाद में बोलते हैं कि यह जुमला है। एक बात की पीएम को बधाई देता हूं कि लाल किले से बापू के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने का प्रण लिया, लेकिन इसका क्या हुआ? बड़े-बड़े लोग आए। अमिताभ बच्चन आए। लेकिन, असर नहीं दिख रहा है।

गुजरात का आकलन क्या है?

-गुजरात का चुनावी आकलन मैं अभी नहीं कर सकता। क्योंकि, यह पार्टी विरोधी हो सकता है। लेकिन, इतना जरूर कहूंगा कि इस बार कड़ी चुनौति मिलेगी। चुनाव कोई भी हो चैलेंज तो होता ही है। और गुजरात चुनाव तो विशेष चुनौती है। खास कर त्रिदेव (हार्दिक, अल्पेश और जिग्नेश) के एक साथ हो जाने से। हमारी शुभकामानाएं हैं कि भाजपा की जीत हो।

पार्टी के सारे दिग्गज व आम नेता गुजरात गए। आप क्यों नहीं?

– मैंने पहले भी कहा है कि मुङो जहां बुलाया जाता है वहीं जाता हूं। स्टार प्रचारक का खिताब मुझे यशवंत सिन्हा ने दिया था। पूरे देश में देवीलाल और मेरा टूर होता था। अब किस कारण से यह बंद हो गया मुझे नहीं पता। मेरे कई मित्र बताते हैं कि आपका टिकट कट जाएगा। इसका मुङो कोई फर्क नहीं पड़ता। वक्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आस्मां! हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है? पिछले बार भी मुझे अंत में टिकट मिला था। इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता।

जीएसटी और नोटबंदी को लेकर आपकी क्या राय है?

– जीएसटी जल्दबाजी में लिया गया कदम था। इस मसले पर देश के आर्थिक जानकारों ने ठीक नहीं कहा। यशवंत सिन्हा की बातों से मैं सहमत हूं। वर्ल्‍ड बैंक, रिजर्व बैंक व मनमोहन सिंह हमारे विरोधी हैं, लेकिन वह आर्थिक मामले के जानकार हैं। ऐसे में जीएसटी और नोटबंदी जल्दबाजी में लिया गया कदम है। जो लोग जीएसटी व नोटबंदी का विरोध कर रहे हैं वे देशद्रोही नहीं हैं। कुछ लोग जीएसटी और नोटबंदी का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इनके खिलाफ हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं कि विरोध करने वाले देशद्रोही हैं।

News Source: jagran.com

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