धरने और प्रदर्शनों से लोगों को परेशानी नहीं हाेगी बर्दाश्त: हाईकोर्ट

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PBK NEWS | चंडीगढ़। राजनीतिक दलों द्वारा नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे सहित अन्य जगहों पर रैली, धरने व प्रदर्शन के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि धरनों से आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने वकीलों से सुझाव मांगे हैं कि भविष्य में इस तरह के प्रदर्शन कैसे नियोजित और नियंत्रित किए जाएं।

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जस्टिस एके मित्तल एवं जस्टिस अमित रावल की खंडपीठ ने पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा सहित अकाली दल की ओर से पेश हुए एडवोकेट हरप्रीत सिंह बराड़, सीनियर एडवोकेट पुनीत बाली, आरएस बैंस को बैठक कर सुझाव तय करने के निर्देश दिए।

हाईकोर्ट ने कहा अगर धरना, प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है, तो इसके चलते सामान्य नागरिकों को मुश्किल में नहीं डाला जा सकता। देखने में आया है कि जब धरनों के दौरान सड़कें रोक दी जाती हैं, तो कई बार एंबुलेंस को भी जाने नहीं दिया जाता। तोडफ़ोड़ की जाती है। इसलिए ऐसे निर्देश जरूरी हैं।

शिरोमणि अकाली दल की ओर से एडवोकेट हरप्रीत बराड़ ने फिरोजपुर के मामले को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस याचिका के बाद हाईकोर्ट के आदेश के कारण सरकार ने उनके 1500 लोगों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में मामले दर्ज किए। उनके नुमाइंदों को नामांकन तक नहीं भरने दिया गया। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि हमें किसी राजनीतिक दल से कुछ नहीं लेना है। हमें राज्य और उसके आम नागरिकों की चिंता है।

अलग से तय की जाएगी जगह

हाईकोर्ट से मांग की गई कि हर जिले में धरने, प्रदर्शनों व रैलियों के लिए जगह तय कर दी जाए। अन्य किसी भी जगह पर प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाई जाए। इसके लिए डीसी से इजाजत लेकर ही तय जगह पर धरने प्रदर्शन किए जाएं। मामले पर अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी।

राजनेताओं के रोड शो पर प्रतिबंध की मांग

‘अराइव सेफ’ संस्था ने अर्जी दायर कर मांग की है कि राजनेताओं के रोड शो पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने इस अर्जी को ऐसे ही मामलों में पहले से दायर याचिका के साथ सुनवाई करने के निर्देश दिए।

News Source: jagran.com

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