एनएसजी दस्ते में सुपर लेडी कमांडो का प्रवेश जल्द

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत कई सुपर वीवीआईपी की सुरक्षा का दायित्व उठाने वाले एनएसजी कमांडो के दस्ते में जल्द ही सुपर लेडी कमांडो का प्रवेश होने वाला है। वीवीआईपी लोगों में कई बार महिलाएं भी होती हैं, उनकी सुरक्षा में ज़रूरत पड़ने पर उन लेडी कमांडो को तैनात किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि एनएसजी में पहली बार महिला कमांडो की प्रवेश हो रहा है। एनएसजी की इन लेडी कमांडो की ट्रेनिंग इस तरह से होने वाली है की किसी भी आत्मघाती फिदायीन हमले या आतंकवादियों की किसी भी बड़ी कार्रवाई को नाकाम कर पाएं। दुश्मनों के दांत खट्टे करने के लिए एनएसजी देश भर में सभी पैरा मिलिट्री महिला जवानों की डिटेल्स खंगाल रही है। जिससे की बेहतर से बेहतर लेडी कमांडो को एनएसजी में शामिल कर सकें।

इस मामले में एनएसजी के एक अधिकारी ने बताया की ट्रेनिंग सेंटर पहुंचने के बाद भी कई जवान कमांडो नहीं बन पाते हैं, क्योंकि 90 दिनों की कठोर ट्रेनिंग के बाद करीब 15 से 20 फीसदी जवान ही अंतिम रूप से सफल हो पाते हैं। एनएसजी कमांडो के लेकर जो चयन प्रक्रिया है, उसमें आर्मी से करीब 53 फीसदी और अन्य पारा मिलिट्री फोर्सेज़ यानी – बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, सीआरपीएफ से 47 फीसदी जवानों का चयन किया जाता है। जिन जवानों का चयन होता है उसका कार्यकाल ज्यादा नहीं होता है। उन जवानों का कार्यकाल करीब चार से पांच सालों का ही होता है।

जो ठीक से काम नहीं कर पाते, उन्हें तीन साल के अंदर उनके मूल फोर्स में वापस भेज दिया जाता है। क्योंकि एनएसजी का गहन प्रशिक्षण ही इनकी सबसे बड़ी ताकत है। इन जवानों के लिए ऐसा कहा जाता है की अपनी बीस साल की समूची सर्विस में जितनी ट्रेनिंग से नहीं गुजरना पड़ता है उससे कई गुना ट्रेनिंग तीन-साल की एनएसजी ट्रेनिंग में ही हो जाती है। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी एनएसजी कमांडो 16 अक्टूबर को अपना 34 वां स्थापना दिवस मना रही हैं। आम बोलचाल की भाषा में एनएसजी कमांडो को लोग ब्लैक कैट कमांडो भी कहते हैं।

एनएसजी कमांडों के दस्ते में जल्द ही चार सुपर लेडी कमांडो की इंट्री होने वाली है। हलांकी उन चारो सुपर लेडी कमांडो का चयन कर लिया गया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। एनएसजी कमांडो के डीजी सुदीप लखटकिया ने इस खबर की पुष्टि कर दी है की एनएसजी में जल्द ही इसकी इंट्री होने वाली है। एनएसजी के सूत्रों की अगर मानें तो चार महिला कमांडो में से दो महिला कमांडो बीएसएफ से डेपुटेसन पर एनएसजी ज्वाइन करेंगी। बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी में भी महिला कमांडो की भर्ती हो चुकी है। दिल्ली के छावला कैंप में बीएसएफ और जनकपुरी इलाके में सीआरपीएफ अपनी लेडी कमांडो को ट्रेनिंग देती है।

इस मामले में एनएसजी ही एक ऐसी फोर्स बची है, जहां अब तक एक भी लेडी कमांडो नहीं है। एनएसजी कमांडो की सबसे खास बात यह है कि ये काफी तेज़ गति से कार्रवाई करती है। इसका निशाना भी काफी अचूक होता है। इसी का परिणाम है की स्थापना के 33 सालों के अंदर अब तक एनएसजी ने करीब 115 से ज्यादा बड़ी आतंकी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। जिसमें कमांडो ने करीब 60 से भी ज्यादा आतंकियों को मार गिराया है। जम्मू -कश्मीर, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई के बाद अब अहमदाबाद में भी एनएसजी अपना बेस कैंप अर्थात जोनल कैंप तैयार कर रही है।

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